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सुश्रुत उत्तरतन्त्र
विषयसूची
तीसरा अध्याय
१ वर्त्मगतरोगवर्णन
59
>>
२
*
वर्त्मगतरोगसम्प्राप्ति
वर्त्मगत रोगों के नाम तथा संख्या उत्सङ्गिनी-लक्षण कुंभिका पोथकी
वर्त्मशर्करा अशवम
23
अवण शुक्र के लक्षण
२४
अक्षिपाकात्यय लक्षण
२५
१५
अजकाजात लक्षण
39
56
छठा अध्याय
सर्वगत रोग विज्ञान का उपक्रम
१६ सर्वगत रोगगणना
30
अभिष्यन्द सर्वनेत्ररोगों का कारण
१७ वाताभिष्यन्द लक्षण
99
पित्ताभिष्यन्द
99
६ शुष्काश
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कफा भिष्यन्द
S
93
अञ्जननामिका
रक्ताभिष्यन्द
23
>>
बहलवर्म
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95
6
चर्मबन्ध
अधिमन्थों का कारण
अधिमन्थ सामान्य लक्षण
"
99
19
"
किष्टवर्भ
८ व कर्दम ९श्याववर्त्म किन्नवर्त्म
१० अक्किन्नव
वाताधिमन्थ
"
पित्ताधिमन्थ
१८
कफाधिमन्थ
39
""
"
रक्ताधिमन्थ
3;
वातहतव "
>"
११ वर्मार्बुद
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निमेष
वमर्श
लगण
विषवम
१२ | पचमकोपल
IT 99
59
चौथा अध्याय
शुकुगत रोगों के नाम तथा संख्या
२५
२६
२७
>>
95
"
""
39
ઢ
35
29
अधिमन्थ परिणाम तथा दृष्टिविनाश
कालावधि शोफाशोफ नेत्रपाक लक्षण
१९ हताधिमन्थ
>>
३०
99
22
99
वातपर्यय
"
19
25
शुष्काक्षिपाक अन्यतो वात
"2
99
55
33
अम्लाध्युषित
95
53
सिरोत्पात
29
३१
सिराप्रहर्ष
३
22
२०
पिष्टक तथा सिराजाल के लक्षण
१४ सिराजपिडका लक्षण
33
बलासक लक्षण
"
पाँचवाँ अध्याय
">
शुक्लगत रोगवर्णन
१३
""
प्रस्तारि अर्मलक्षण
39
盛
शुक्रार्मलोहितार्मलक्षण
55
दृष्टि लक्षण
अधिमांसस्त्राय्वर्मलक्षण
""
दृष्टिगत रोग संख्या
2
शुक्तिका तथा अर्जुन के लक्षण
२१
A
सातवाँ अध्याय
दृष्टिगत रोग विज्ञान का उपक्रम ३१
प्रथम पटलगततिमिर के लक्षण
द्वितीय पटलगततिमिर के " २२ | तृतीय पटलगततिमिर के
39
29
३२
१,
59
>>
29
*"
कृष्णगत रोग विज्ञान का उपक्रम
चतुर्थ पटलगततिमिर के लिङ्गनाश, नीलिका और काच संज्ञा
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15
३"
२२
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कृष्णमण्डल के रोग
सव्रण शुक्र के लक्षण
सव्रण शुक्र की साध्यासाध्यता
"
वातजतिमिर लक्षण
पित्तज तिमिर
"7
२४ | श्लैष्मिक तिमिर "
३३
19
91